स्टॉक मार्केट क्रैश क्या होता हैं? स्टॉक मार्केट क्रैश होने पर क्या करें?

स्टॉक मार्केट क्रैश क्या होता हैं? स्टॉक मार्केट क्रैश होने पर क्या करें?
स्टॉक मार्केट क्रैश क्या होता हैं? स्टॉक मार्केट क्रैश होने पर क्या करें?

स्टॉक मार्केट क्रैश क्या होता हैं? स्टॉक मार्केट क्रैश होने पर क्या करें? – यदि आप शेयर मार्केट में निवेश करते हैं तो आपको बहुत ही अच्छी तरह से पता होगा कि स्टॉक मार्केट क्रैश क्या होता है? स्टॉक मार्केट क्रैश हो जाने से निवेशकों को कितना नुकसान सहना पड़ता है। पिछले साल यानी 2020 में स्टॉक मार्केट क्रैश हो जाने के चलते निवेशकों को कई अरब रुपयों का नुकसान सहना पड़ा। इससे पहले 2008 के समय में आई आर्थिक मंदी के चलते भी स्टॉक मार्केट क्रैश हो गया था जिसके चलते निवेशकों को काफी नुकसान झेलना पड़ा था। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि स्टॉक मार्केट क्रैश क्या होता है? मार्केट क्रैश हो जाने के बाद क्या करना चाहिए?

स्टॉक मार्केट क्रैश क्या होता है?

यदि आप स्टॉक मार्केट में निवेश करते हैं तो आपको यह जानना जरूरी है कि स्टॉक मार्केट क्रैश क्या होता है? हालांकि स्टॉक मार्केट क्रैश की कोई खास परिभाषा नहीं है लेकिन यदि शेयरों में लगातार गिरावट और इंडेक्स में भारी गिरावट दर्ज की गई है तो इसका मतलब यह है कि स्टॉक मार्केट क्रैश होने वाला या क्रैश हो चुका है।

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शेयरों एवं में लगातार हो रही गिरावट के चलते स्टॉक मार्केट में मंदी आ जाती है और इसके चलते सभी प्रकार के स्टॉक पर असर पड़ता है। स्टॉक मार्केट में मंदी के चलते नए निवेशक पैसे लगाना बंद कर देते हैं जिससे स्टॉक मार्केट में और भी तेजी के साथ गिरावट आना शुरू हो जाता है। शेयर मार्केट क्रैश हो जाने के कारण बहुत सारे लोग अपने नुकसान को बचाने के लिए शेयर बेचना भी शुरू कर देते हैं जिसके चलते शेयर मार्केट पूरी तरह से क्रैश हो जाता है।

स्टॉक मार्केट क्रैश होने के क्या कारण हैं?

स्टॉक मार्केट क्रैश होने के कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। कई बार तो इसका अनुमान भी लगाया जा सकता है लेकिन कई बार इसका अनुमान लगाना काफी मुश्किल हो जाता है। अब हम आपको बताएंगे कि स्टॉक मार्केट क्रैश होने के क्या कारण हैं?

वैश्विक आर्थिक मंदी के कारण

यदि वैश्विक आर्थिक मंदी आ जाती है तो इससे शेयर मार्केट पर काफी गहरा असर पड़ता है। वैश्विक मंदी के कारण मांग में काफी कमी हो जाती है और उत्पादन भी कम हो जाता है इसके चलते शेयरों की कीमत गिरने लगती है। 2008 में आई वैश्विक आर्थिक मंदी में अमेरिकी स्टॉक मार्केट में बहुत अधिक गिरावट पाई गई जिसके चलते विश्व के सभी महत्वपूर्ण स्टॉक एक्सचेंज पर असर पड़ा। इतना ही नहीं भारतीय बाजार पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ा था।

बुल मार्केट की वजह से बबल बनना

जब स्टॉक मार्केट में शेयरों की कीमत में लगातार वृद्धि होती रहती है तो निवेशक पैसे लगाकर अधिक से अधिक मुनाफा कमाना चाहते हैं। ऐसी स्थिति में स्टॉक मार्केट लगातार ऊपर बढ़ता जाता है और स्टॉक मार्केट कमाई को छोड़कर भावनाओं पर चलने लगता है। जब ऐसी स्थिति आ जाती है तो अधिक कीमतों के कारण स्टॉक मार्केट में एक बबल तैयार हो जाता है बाद में यह बबल फूटकर स्टॉक मार्केट क्रैश में बदल जाता है।

देश राजनीतिक अस्थिरता का होना

यदि किसी देश में राजनीतिक अस्थिरता उत्पन्न हो चुकी है तो इससे भी शेयर मार्केट क्रैश हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि लोगों को देश की सरकार से डर लगने लगता है और वह उसके द्वारा आगे किए गए कामों से डरने लगते हैं। ऐसी स्थिति में निवेशक स्टॉक मार्केट में निवेश करने से बचने लगते हैं जिसके चलते शेयर मार्केट क्रैश हो सकता है।

युद्ध की स्थिति

जब देश में युद्ध की स्थिति उत्पन्न हो जाती है तो जो आर्थिक अस्थिरता ला सकता है। यदि दो या दो देशों के बीच लगातार युद्ध की स्थिति बनी हुई है तो भी इसका असर शेयर मार्केट पर बढ़ पड़ता है और यह प्रेस का कारण भी बन सकता है। हालांकि वर्तमान समय में संयुक्त राष्ट्र संघ के दबाव के कारण दो या दो देशों के बीच युद्ध होना काफी मुश्किल हो चुका है लेकिन सीमा विवाद एवं आंतरिक विवाद के चलते भी स्टॉक मार्केट पर असर पड़ता है।

आर्थिक मंदी

यदि विश्व में आर्थिक मंदी आ जाती है तो इसका असर विश्व के सभी प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज पर पड़ता है। इतना ही नहीं मांग में भी काफी कमी आ जाती है और इसके चलते उत्पादन भी काफी कम होता है। हालांकि आर्थिक मंदी के कई सारे कारण हो सकते हैं जिसके बारे में पूरा चर्चा करना काफी मुश्किल हो जाएगा। लेकिन यदि लगातार आर्थिक मंदी दिखाई दे रही है तो इससे भी स्टॉक मार्केट क्रैश हो सकता है।

स्टॉक मार्केट क्रैश होने पर क्या करें?

बहुत सारे लोगों को स्टॉक मार्केट क्रैश हो जाने के बाद नुकसान सहना पड़ जाता है। लेकिन यदि आप स्टॉक मार्केट निवेशक हैं और इसमें अच्छी खासी जानकारी रखते हैं तो स्टॉक मार्केट क्रैश होना आपके लिए बेहतर रिटर्न प्राप्त करने का सुनहरा अवसर बन सकता है। दरअसल स्टॉक मार्केट क्रैश हो जाने के चलते सभी शेयरों की कीमतों में गिरावट आनी शुरू हो जाती है, जिससे वह काफी सस्ते हो जाते हैं।

ऐसी स्थिति में यदि आपको यह लगता है कि भविष्य में वह कंपनी जोर पकड़ सकती है तो आप उसके शेयरों में निवेश कर सकते हैं और भविष्य में बेहतर रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। अक्सर बहुत सारे निवेशक उस शेयर में निवेश करते हैं जिसकी कीमत लगातार बढ़ रही होती है। ऐसी स्थिति में यदि शेयर की कीमत अचानक से गिर गई तो उन्हें नुकसान सहना पड़ जाता है। बहुत सारे लोग कम कीमत वाले शेयर को खरीदने से कतराते हैं लेकिन कभी-कभी कम कीमत वाले शेयर आपको बड़ा मुनाफा दे सकते हैं।

शेयर मार्केट क्रैश में क्या न करें?

यदि स्टॉक मार्केट क्रैश हो जाए तो आपको यह जानना जरूरी है कि इस दौरान आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। यदि आप काफी समय से स्टॉक मार्केट में निवेश करते हैं तो आपको स्टॉक मार्केट क्रैश होने की स्थिति का अंदाजा लग जाता है। बहुत सारे लोग स्टॉक मार्केट क्रैश होने के चलते अपने शेयर बेचने शुरू कर देते हैं जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए।

यदि आपने अच्छे क्वालिटी का शेयर खरीदा है तो वह कंपनी आगे चलकर वापस अच्छा मुनाफा कमा सकती है और आपको फायदे में ला सकती है। स्टॉक मार्केट क्रैश के बाद अच्छी क्वालिटी के शेयरों में काफी अच्छी रिकवरी देखी गई है इसी चलते देश की अर्थव्यवस्था अच्छी तरह से चल पाती है। इसीलिए अच्छे कंपनियों के शेयर कभी भी बेचना नहीं चाहिए क्योंकि यही आपके नुकसान की भरपाई कर सकती हैं।

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